Chalisa

Shri Sai Chalisa (श्री साई चालीसा)

श्री साईं चालीसा पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥   कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साई ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना॥   कोई कहे अयोध्या के, ये रामचंद्र भगवान हैं। कोई कहता साई बाबा, …

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Shitala Mata Chalisa (शीतला माता चालीसा)

श्री शीतला चालीसा ॥ दोहा ॥ जय-जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय, विकसै बुद्धि बलज्ञान॥   ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय शीतला भवानी। जय जग जननि सकल गुणखानी॥ गृह-गृह शक्ति तुम्हारी राजित। पूरण शरदचन्द्र समसाजित॥   विस्फोटक से जलत शरीरा। शीतल करत हरत सब पीरा॥ मातु शीतला तव शुभनामा। सबके गाढ़े …

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Ganga Mata Chalisa (गंगा माता चालीसा)

श्री गंगा चालीसा ॥ दोहा ॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥   ॥ चौपाई ॥ जय जय जननी हराना अघखानी। आनंद करनी गंगा महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता। कलिमल मूल डालिनी विख्याता॥   जय जय जहानु सुता अघ हनानी। भीष्म की माता जगा जननी॥ धवल …

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Lakshmi Mata Chalisa (लक्ष्मी माता चालीसा)

श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥   ॥ सोरठा ॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदम्बिका।   ॥ चौपाई ॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान, बुद्धि, विद्या दो मोही॥ तुम समान नहिं …

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Gayatri Mata Chalisa (गायत्री माता चालीसा)

श्री गायत्री चालीसा ॥ दोहा ॥ ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड। शान्ति कान्ति जागृत प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड॥   जगत जननी मङ्गल करनि, गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री स्वधा, स्वाहा पूरन काम॥   ॥ चौपाई ॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी। गायत्री नित कलिमल दहनी॥ अक्षर चौविस परम पुनीता। इनमें बसें शास्त्र श्रुति …

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Tulasi Mata Chalisa (तुलसी माता चालीसा)

श्री तुलसी चालीसा   ॥ दोहा ॥ जय जय तुलसी भगवती, सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी, श्री वृन्दा गुन खानी॥   श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी, अब न करहु विलम्ब॥   ॥ चौपाई ॥ धन्य धन्य श्री तलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता॥ हरि के प्राणहु से …

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Lalita Mata Chalisa (ललिता माता चालीसा)

श्री ललिता चालीसा ॥ चौपाई ॥ जयति जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता॥ तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद सेवी॥   तू कल्याणी कष्ट निवारिणी। तू सुख दायिनी, विपदा हारिणी॥ मोह विनाशिनी दैत्य नाशिनी। भक्त भाविनी ज्योति प्रकाशिनी॥   आदि शक्ति श्री विद्या रूपा। चक्र स्वामिनी देह अनूपा॥ ह्रदय …

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Saraswati Mata Chalisa (सरस्वती माता चालीसा)

श्री सरस्वती चालीसा  ॥ दोहा ॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥   पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। रामसागर के पाप को, मातु तुही अब हन्तु॥   ॥ चौपाई ॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनासी॥ जय जय जय …

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Vindhyeshwari Mata Chalisa (विंध्येश्वरी माता चालीसा)

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा   ॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब। सन्तजनों के काज में, माँ करती नहीं विलम्ब॥   ॥ चौपाई ॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जग विदित भवानी॥ सिंहवाहिनी जै जग माता। जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता॥   कष्ट निवारिनी जय जग देवी। जय जय जय जय असुरासुर …

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Durga Mata Chalisa (दुर्गा माता चालीसा)

श्री दुर्गा चालीसा ॥ चौपाई ॥ नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥   शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥   तुम संसार शक्ति लय कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ …

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